Viúvas
A Bíblia revela um cuidado especial de Deus pelas viúvas. Ao longo das Escrituras, encontramos mandamentos claros de proteção, justiça e compaixão, refletindo o caráter amoroso do Senhor.
A proteção divina
Deus se apresenta como defensor das viúvas, garantindo que não fiquem desamparadas. Ele acolhe os que sofrem e sustenta os que perderam seu amparo terreno.
अल्लाह की ताज़ीम में गीत गाओ, उसके नाम की मद्हसराई करो! जो रथ पर सवार बयाबान में से गुज़र रहा है उसके लिए रास्ता तैयार करो। रब उसका नाम है, उसके हुज़ूर ख़ुशी मनाओ!
अल्लाह अपनी मुक़द्दस सुकूनतगाह में यतीमों का बाप और बेवाओं का हामी है।
रब परदेसियों की देख-भाल करता, यतीमों और बेवाओं को क़ायम रखता है। लेकिन वह बेदीनों की राह को टेढ़ा बनाकर कामयाब होने नहीं देता।
क्योंकि जो मुसीबत में आकर आवाज़ देता उसे मैं बचाता, बेसहारा यतीम को छुटकारा देता था। तबाह होनेवाले मुझे बरकत देते थे। मेरे बाइस बेवाओं के दिलों से ख़ुशी के नारे उभर आते थे।
Justiça e compaixão
A Palavra ordena que seu povo pratique a justiça, protegendo os mais frágeis e defendendo a causa dos necessitados.
अपना मुँह खोलकर इनसाफ़ से अदालत कर और मुसीबतज़दा और ग़रीबों के हुक़ूक़ महफ़ूज़ रख।
"रब्बुल-अफ़वाज फ़रमाता है, ‘अदालत में मुंसिफ़ाना फ़ैसले करो, एक दूसरे पर मेहरबानी और रहम करो! बेवाओं, यतीमों, अजनबियों और ग़रीबों पर ज़ुल्म मत करना। अपने दिल में एक दूसरे के ख़िलाफ़ बुरे मनसूबे न बान्धो।’
किसी बेवा या यतीम से बुरा सुलूक न करना। अगर तू ऐसा करे और वह चिल्लाकर मुझसे फ़रियाद करें तो मैं ज़रूर उनकी सुनूँगा। मैं बड़े ग़ुस्से में आकर तुम्हें तलवार से मार डालूँगा। फिर तुम्हारी बीवियाँ ख़ुद बेवाएँ और तुम्हारे बच्चे ख़ुद यतीम बन जाएंगे।
नेक काम करना सीख लो। इनसाफ़ के तालिब रहो, मज़लूमों का सहारा बनो, यतीमों का इनसाफ़ करो और बेवाओं के हक़ में लड़ो!"
O chamado da Igreja
No Novo Testamento, o cuidado com as viúvas é expressão genuína da fé cristã. Tiago declara que a religião pura inclui visitar os necessitados.
ख़ुदा बाप की नज़र में दीनदारी का पाक और बेदाग़ इज़हार यह है, यतीमों और बेवाओं की देख-भाल करना जब वह मुसीबत में हों और अपने आपको दुनिया की आलूदगी से बचाए रखना।
उन बेवाओं की मदद करके उनकी इज़्ज़त करें जो वाक़ई ज़रूरतमंद हैं।