नमस्कार
1 या चिट्ठी पौलुस की ओड़ तै सै, जो परमेसवर की इच्छा तै प्रभु यीशु मसीह का प्रेरित होण कै खात्तर बुलाया गया अर बिश्वासी भाई सोस्थिनेस भी मेरे गैल सै। 2 मै या चिट्ठी परमेसवर की उस कलीसिया के माणसां ताहीं लिखूँ सूं, जो कुरिन्थुस नगर म्ह सै, अर जिन ताहीं परमेसवर नै मसीह यीशु म्ह अपणे खात्तर अलग तै छाँट कै राक्खे सै, अर उसनै म्हारे ताहीं अपणे पवित्र माणस होण कै खात्तर बुलाया सै, अर उन सारया के नाम भी जो हरेक जगहां म्हारे अर अपणे प्रभु यीशु मसीह की सेवकाई करै सै। 3 हम प्रार्थना करां सां, के म्हारै पिता परमेसवर अर प्रभु यीशु मसीह की ओड़ तै थमनै अनुग्रह अर शान्ति मिल्दी रहवै।