Pular para o conteúdo
Publicidade

1 कुरिन्थियों 12:14-26

14 देह म्ह एके अंग न्ही, पर भोत-से सै। 15 जै पैर कहवै के मै हाथ कोनी, इस करकै देह का अंग कोनी, तो के उसके इसा कहण तै वो देह का अंग कोनी? 16 अर जै कान कहवै, के मै आँख कोनी, इस करकै देह का अंग कोनी, तो के वो इस कारण देह का अंग कोनी? 17 जै साब्ती देह आँख होन्दी तो सुणणा कित्त तै होंदा? जै साब्ती देह कान ए होंदी तो सूंघणा कित्त तै होंदा? 18 पर सचमुच परमेसवर नै देह के सारे अंगा ताहीं अपणी मर्जी कै मुताबिक एक-एक करकै देह म्ह सही जगहां पै राख्या सै। 19 जै सारे अंग एके अंग होन्दे, तो देह कित्त तै होंदी? 20 बल्के अंग तो भतेरे सै, पर देह एके सै। 21 आँख हाथ तै कोनी कह सकदी, "मन्‍नै तेरी जरूरत कोनी," अर ना सिर पैर तै कह सकै सै, के "मन्‍नै तेरी जरूरत कोनी।" 22 पर देह के कुछ अंग जो दुसरे अंगा तै कमजोर लाग्गै सै, भोत-ए जरूरी सै। 23,24 अर देह के जिन अंगा नै हम कम आदर देवां सां, वे सै जिन ताहीं हम बड़ी सावधानी तै ढका सां, इस करकै उन अंगा की हम सावधानी तै हिफाजत करा सां, जिन ताहीं देख्या न्ही जा सकता, जिब के आदर के लायक अंगा नै इस खास देखभाळ की जरूरत कोनी। इस करकै परमेसवर नै देह ताहीं एक साथ राख्या सै, ताके उन अंगां ताहीं खास आदर अर देखभाळ दी जावै, जिनका महत्व कम सै। 25 ताके देह म्ह फूट ना पड़ै पर देह के सारे हिस्से दुसरे अंगा की देखभाळ करै। 26 जै देह का कोए अंग दुख पावै सै, तो उसकै गैल देह के सारे अंग दुख पावै सै, अर जै एक अंग की बड़ाई होवै सै, तो उसकै गेल्या सारे अंग आनन्द मनावै सै।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.