ब्याह तै सम्बन्धित सवाल
1 उन बात्तां कै बारै म्ह जो थमनै मेरे ताहीं चिट्ठी म्ह पूच्छी थी, के यो ठीक सै, के माणस ब्याह ना करै। 2 क्यूँके भोत सारे माणस जारी करै सै, इस करकै हरेक माणस जारी तै बचण खात्तर ब्याह करले, अर धणी-बीर7:2 धणी-बीर पति-पत्नी एक-दुसरे के प्रति वफादार हो।
अविवाहितां खात्तर सलाह
8 अविवाहितां अर बिधवायाँ कै बारै म्ह मेरी या सलाह सै, के उनकै खात्तर एक्ला रहणा ठीक सै, जिसा मै सूं। 9 पर जै वे खुद पै काब्बू ना राख सकै, तो ब्याह करै, क्यूँके ब्याह करणा वासना म्ह जळण तै भला सै।
कुवारे अर बिधवां
25 अविवाहितां कै बारै म्ह प्रभु का कोए हुकम मन्नै कोनी मिल्या, पर प्रभु नै दया करकै मेरे ताहीं बुद्धि दी सै, जिसपै भरोस्सा करया जा सकै सै, अर मै थमनै सलाह देऊँ सूं। 26 मेरी समझ म्ह यो ठीक सै के आजकाल के क्ळेश कै कारण, जै माणस कुवारा सै, तो वो कुवारा ए रहवै। 27 जै तेरी पत्नी सै, तो उसनै तलाक देण की कोशिश ना करै, अर जै तेरे पत्नी कोन्या, तो अपणे खात्तर उसनै टोहवै ना। 28 पर जै तू ब्याह भी करै, तो पाप कोनी, अर जै कोए कुँवारी छोरी ब्याह करै सै, तो यो कोए पाप कोनी। हालाकि शादीशुदा माणस इस दुनिया म्ह भोत सी परेशानियाँ का सामना करैंगें, अर मै चाहूँ सूं के थम इन परेशानियाँ म्ह ना पड़ो।