झूठ्ठे शिक्षकां कै बिरुध्द चेतावनी
3,4 जिसा के तू तीमुथियुस जाणै सै, इफिसुस नगर म्ह कई माणस सै जो झूठ्ठी शिक्षा देवै सै, वे माणसां ताहीं लगातार झूठ्ठी कहाणियाँ अर पूर्वजां की लम्बी वंशावलियाँ नै सिखावै सै, जिसा के मन्नै मकिदुनिया जान्दे बखत तेरे तै कह्या था, के इफिसुस नगर म्ह रहकै उन ताहीं कह के इसी शिक्षा ना देवै, जिब वे इसी शिक्षा देवै सै, तो माणसां म्ह विवाद पैदा होवै सै, इसका नतिज्जा यो सै के ये शिक्षक परमेसवर का काम न्ही करते जो परमेसवर नै उन ताहीं दिया सै, यो तो सिर्फ मसीह पैए बिश्वास करण के जरिये करया जा सकै सै। 5 योए म्हारे हुकम का मकसद सै, के थम सच्चे मन, शुद्ध अन्तरात्मा अर सच्चे बिश्वास तै एक-दुसरे कै गेल्या बिना कपट के प्यार करो। 6 झूठ्ठे शिक्षकां नै इन सारी चिज्जां ताहीं छोड़ दिया सै, अर सिर्फ बेकार की चिज्जां पै बातचीत करै सै। 7 अर वकील तो बणणा चाहवैं सै, पर जो बात कहवै अर जिन ताहीं मजबूती तै बोल्लै सै, उन ताहीं समझदे भी कोनी।