बिश्वास की रुखाळी
20 हे तीमुथियुस, वो सब कुछ करण म्ह सावधान रह, जो परमेसवर नै तेरे ताहीं दिया सै, अर अभगति, बेकूफी भरी बात, अर उस झूठ्ठी शिक्षा तै जो सच्ची शिक्षा के बिरोध म्ह सै, जिन ताहीं वे ज्ञान की बात कहवै सै, उनतै दूर रह। 21 कई माणसां नै इस झूठ्ठे ज्ञान ताहीं अपणालिया सै, अर कहवै सै, के हमनै ज्ञान सै, इसा करण तै वे सच्ची शिक्षा तै दूर होगे सै, मै प्रार्थना करुँ सूं, के परमेसवर का अनुग्रह उनपै भी अर थारे पै भी होन्दा रहवै।