दुःख तै बचाया
8 हे बिश्वासी भाईयो, हम चाहवां सां, के थम म्हारै उन दुखां नै जाणो, जो आसिया परदेस म्ह म्हारै पै पड्या, हम इसे भारी बोझ तै दबगे थे, वो बोझ म्हारे सहण तै बाहर था, उरै ताहीं के हमनै जिन्दा रहण की आस छोड़ दी थी। 9 बल्के हमनै अपणे मन म्ह समझ लिया था, के म्हारे ताहीं मार दिया जावैगा, अर हम अपणे-आप पै भरोस्सा ना राक्खां, बल्के परमेसवर पै भरोस्सा राक्खां, जो मरे होया नै जिन्दा करै सै।