म्हारा सुर्गीय घर
1 क्यूँके हमनै बेरा सै के पलभर का शारीरिक देह सरीखा घर जो हमनै मिल्या सै, जो नाश करया जावैगा, तो हमनै परमेसवर कै कान्ही तै सुर्ग पै एक इसा घर मिलैगा, जो हाथ्थां तै बण्या होया न्ही, पर सारी हाण खात्तर टिकाऊ सै। 2 इस देह म्ह तो हम कराहवा अर बड्डी लालसा राक्खां सां, ताके अपणे सुर्गीय देह नै पैहर ल्या 3 क्यूँके सुर्गीय देह पैहरण तै हम उघाड़े न्ही पाए जावैंगे। 4 अर हम शारीरिक देह सरीखे घर म्ह रहन्दे होए बोझ तै दबे रोन्दे-पिटते रहवां सां, क्यूँके हम इसनै छोड़णा न्ही चाहन्दे, पर हम चाहवां सां के परमेसवर हमनै सुर्गीय देह देवै, ताके शारीरिक देह नाश होण कै बाद हमनै अनन्त राज्य म्ह सुर्गीय देह मिल जावै। 5 जिसनै म्हारै ताहीं जिस सुर्गीय देह कै खात्तर त्यार करया सै, वो परमेसवर सै, जिसनै म्हारै ताहीं ब्याने म्ह पवित्र आत्मा भी दिया सै।
6 आखर म्ह हम सारी हाण होसला राक्खां सां, अर या जाणां सां के जिब ताहीं हम देह म्ह रहवां सां, तब तक प्रभु के सुर्ग तै न्यारे सां, जो सुर्ग म्ह सै। 7 हम प्रभु यीशु पै बिश्वास करण तै जिवां सां, ना के उस ताहीं देक्खण तै। 8 ज्यांतै हम होसला राक्खां सां, अर हम मरण कै बाद, देह तै न्यारे होकै प्रभु कै गेल्या रहणा हम और भी घणा बढ़िया समझां सां।