7 हम प्रभु यीशु पै बिश्वास करण तै जिवां सां, ना के उस ताहीं देक्खण तै।
मसीह म्ह नई सृष्टि
16 इस करकै इब हमनै माणसां ताहीं दुनियावी नजरिये तै देखणा छोड़ दिया सै। हालाके एक बखत था, जिब हमनै मसीह ताहीं भी दुनियावी नजरिये तै देख्या था, पर इब न्ही, क्यूँके इब हम उस ताहीं जाणगे सां। 17 जै कोए मसीह म्ह बिश्वास करै सै, तो वो नयी जिन्दगी पा लेवै सै। पुराणा सुभाव चल्या जावै सै, अर नया सुभाव आ जावै सै।
21 मसीह जो पाप तै अनजाण था, उस्से ताहीं परमेसवर नै म्हारै खात्तर पापी ठहराया, ताके हम परमेसवर की नजर म्ह धर्मी बण जावां, क्यूँके यीशु मसीह नै म्हारे पापां का दण्ड अपणे उप्पर ले लिया।