4 मन्नै याद सै के जिब मन्नै थारे ताहीं छोड़कै जाणा पड्या था, तो थम मेरे खात्तर किस तरियां रोए थे। मै दिन-रात तेरे तै मिलण की लालसा राक्खूँ सूं, ताके आनन्द तै भर जाऊँ। 6 इस्से कारण मै तन्नै याद दुवाऊँ सूं के तू परमेसवर कै उस वरदान नै जो मेरै हाथ धरण कै जरिये तन्नै मिल्या सै प्रज्वलित करदे।
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