पतरस का दर्शन
9 दुसरे दिन जिब वे तीन आदमी जो कुरनेलियुस जरिये भेज्जे गये थे, चाल्दे-चाल्दे नगर कै धोरै पोहचे, तो दोफारी कै लोवै पतरस छात पै प्रार्थना करण चढ़या। 10 उसनै भूख लाग्गी अर कुछ खाणा चाहवै था, पर जिब वे खाणा त्यार करै थे तो वो बेसुध होग्या, 11 अर उसनै देख्या, के अकास खुलग्या, अर एक बड्डी चाद्दर च्यांरु कुणयां तै लटकदी होई, धरती की ओड़ उतरै सै। 12 जिस म्ह धरती के सारे ढाळ के चार पैरां आळे अर रेंगणेआळे जिनोर अर अकास के पंछी थे। 13 उसनै एक इसा बोल सुण्या, "हे पतरस उठ, मार अर खा।"
14 पर पतरस नै कह्या, "ना प्रभु, कती भी न्ही, क्यूँके मन्नै कदे कोए अशुद्ध चीज न्ही खाई सै।"
15 फिर दुसरी बर उस ताहीं बोल सुणाई दिया "जो किमे परमेसवर नै शुद्ध कर दिया सै, उस ताहीं अशुद्ध मतना कहवै।"
16 तीन बर इस तरियां ए होया, फेर जिब्बे वा चाद्दर अकास म्ह ठा ली गई।