7 तो देक्खो, प्रभु का एक सुर्गदूत आण खड्या होया अर उस कोठड़ी म्ह चाँदणा चमक्या, अर उसनै पतरस की पासळी पै हाथ मारकै उस ताहीं जगाया अर बोल्या, "उठ, तावळ कर।" अर उसकै हाथ्थां तै बेड़ी खुलकै गिरगी।
8 फेर सुर्गदूत नै उसतै कह्या, "कमर बाँध, अर अपणे जूत्ते पहर ले।" उसनै उस्से ढाळ करया। फेर उसनै उसतै कह्या, "अपणे लत्ते पहरकै मेरै पाच्छै हो ले।" 9 वो लिकड़कै उसकै पाच्छै हो लिया, पर उसनै न्यू न्ही बेरा था के जो किमे सुर्गदूत कर रह्या सै वो साच्ची सै, बल्के न्यू समझै था के जणु मै दर्शन देखण लागरया सूं। 10 फेर वे पैहल्या अर दुसरे पहरे तै लिकड़कै उस लोहे के फाटक पै पोहचे, जो नगर की ओड़ सै। वो उनकै खात्तर अपणे-आप्पे खुलग्या, अर वे लिकड़कै एक गळी म्ह गए, अर जिब्बे ए सुर्गदूत उसनै छोड़कै चल्या गया।