28 क्यूँके उस्से म्ह म्हारा जीवन, चलणा-फिरणा अर म्हारी पहचान बणै सै, जिस ढाळ थारे कितणे कवियाँ नै भी कह्या सै, "हम तो उस्से के वंशज सां।"
29 "इस करकै म्ह परमेसवर का वंश होकै म्हारा यो समझणा सही कोनी के ईश्वरत्व सोन्ने-चाँदी, पत्थर के जिसा सै, जो माणसां की कारीगरी अर कल्पना तै गढ़े गये हों।