पौलुस का सम्राट की दोहाई देणा
10 पौलुस नै कह्या, "मै कैसर कै न्याय-गद्दी कै स्याम्ही खड्या सूं, मेरै मुकद्दमे फैसला उरैए होणा चाहिये। जिसा तन्नै आच्छी ढाळ बेरा सै, यहूदियाँ का मन्नै किमे अपराध कोनी करया। 11 जै मै अपराधी सूं अर मारण कै जोग्गा कोए काम करया सै, तो मरण तै कोनी नाटदा, पर जिन बात्तां की ये मेरै पै इल्जाम लावै सै, जै उन म्ह तै कोए भी बात साच्ची न्ही लिकड़ी, तो कोए मेरै ताहीं उनकै हाथ्थां न्ही सौंप सकदा। मै कैसर की दुहाई द्यु सूं।"
12 फेर फेस्तुस नै मन्त्रियाँ की सभा कै गेल्या बात करकै जवाब दिया, "तन्नै कैसर की दुहाई दी सै, तू कैसर कै ए धोरै जावैगा।"