मसीह कै गैल मरणा अर जीणा
20 जिब के थम मसीह के गैल दुनिया की पुराणी शिक्षा की ओड़ तै मरगे सों, तो फेर क्यूँ उनकी तरियां जो दुनिया के सै जीवन बिताओ सों? थम इसी विधियाँ के बस म्ह क्यूँ रहों सों, 21 के ना तो "इसनै छुईये," ना "उस ताहीं खाकै देखिये," अर ना उसकै हाथ लगाईये? 22 ये सारी चीज काम म्ह लांदे-लांदे नाश हो जावैगी, क्यूँके ये माणस के हुकम अर शिक्षा कै मुताबिक सै। 23 ये तीन नियम बुध्दिमानी का राह दिखावै सै, जो ये सै, खुद ताहीं परमेसवर के प्रति समर्पित करणा, झूठ्ठी विनम्रता अर अपणी देह कै गैल कठोरता तै बरताव करणा। पर माणस इन विधियाँ नै मान्नै सै, तोभी पापमय सुभाव नै न्ही छोड़ पान्दा।