17 वचन म्ह या काम म्ह जो किमे भी करो, सारा प्रभु यीशु मसीह कै नाम तै करो, अर उसकै जरिये परमेसवर पिता का धन्यवाद करो।
नये जीवन के पारिवारिक नियम
18 हे पत्नियों, जिसा प्रभु म्ह सही सै, उसाए अपणे-अपणे धणी कै अधीन रहो। 19 हे पतियों, अपणी-अपणी घरआळी तै प्यार राक्खो, अर उनकै गैल नरमाई तै पेश आओ। 20 हे बाळकों, सारी बात्तां म्ह अपणे-अपणे माँ-बाप के हुकम नै मान्नो, क्यूँके प्रभु इसतै खुश होवै सै। 21 हे बाळकां आळो, अपणे बाळकां नै तंग ना करो, इसा ना हो के वे परेशान हो जावै। 22 हे सेवको, जो इस दुनिया म्ह थारे माल्लिक सै, सारी बात्तां म्ह उनके हुकम का पालन करो, माणसां नै राज्जी करण आळा कै समान दिखाण कै खात्तर न्ही, पर मन की सिधाई अर परमेसवर कै डर तै। 23 जो किमे थम करो सों, पूरे मन तै करो, यो समझकै के माणसां कै खात्तर न्ही पर प्रभु कै खात्तर करो सों, 24 याद राक्खों परमेसवर थमनै ईनाम देवैगा, या फेर वो थमनै आशीष म्ह साझीदार करैगा जो उसनै अपणे माणसां कै खात्तर राक्खी सै, क्यूँके थम मसीह यीशु की सेवा करो सो। 25 जो बुरा काम करै सै, परमेसवर हरेक ताहीं उसकी बुराई का उसनै दण्ड देवैगा, क्यूँके परमेसवर किसे कै गैल पक्षपात कोनी करदा।