माल्लिक अर नौक्कर
5 हे नौकरों, जो माणस इस दुनिया म्ह थारे माल्लिक सै, उनका हुकम डरदे अर कापते होए मान्नो, जिस मन तै थम मसीह का हुकम मान्नो सों। 6 माणसां नै खुश करण आळा कै समान दिखावटी सेवा ना करो, पर थम मसीह के दास सों, इस करकै थम पूरे मन तै वो काम करो जो परमेसवर चाहवै सै। 7 अर उस सेवा नै माणसां की न्ही, पर प्रभु की सेवा जाणकै सच्चे मन तै करो। 8 क्यूँके थम जाणो सों के जो कोए जिसा आच्छा काम करैगा, चाहे दास हो चाहे आजाद माणस, प्रभु तै उसका फळ पावैगा। 9 हे मालिकों, थम भी धमकी देणा छोड़कै नौकरां गैल उसाए व्यवहार करो, क्यूँके थम जाणो सों के उनका अर थारा दोनुआ का माल्लिक सुर्ग म्ह सै, अर वो किसे का पक्षपात न्ही करदा।