पौलुस की कैद तै सुसमाचार की तरक्की
12 हे बिश्वासी भाईयो, मै चाहूँ सूं के थम यो जाण ल्यो, के जो मेरै पै बित्या सै, उसतै भोत सारे माणसां नै सुसमाचार पै बिश्वास करया सै। 13 उरै ताहीं के महाराजा के राजभवन की सारी पलटन अर बाकी सारे माणस यो जाणगे सै, के मै कैद म्ह सूं, क्यूँके मै मसीह का दास सूं। 14 अर प्रभु म्ह जो बिश्वासी भाई सै, उन म्ह तै घणखरे मेरै कैद होण कै कारण, साहस कै गैल परमेसवर का वचन बिना डरे सुणावै सै।