पौलुस कै जरिये पतरस का बिरोध
11 एक दिन जिब पतरस अन्ताकिया नगर म्ह आया, तो मन्नै बिश्वासी भाईयाँ के स्याम्ही उस ताहीं फटकारा, क्यूँके जो वो काम करै था वो गलत था। 12 वो पैहले गैर यहूदियाँ कै गैल खाया-पिया करै था, जिब कुछ बिश्वासी जो याकूब नै यरुशलेम नगर म्ह भेज्जे थे, तो उसनै अपणे-आप ताहीं गैर यहूदियाँ तै अलग कर लिया, अर उनकै गैल खाणा-पीणा छोड़ दिया अर उसनै यहूदी माणसां के डरकै मारै इसा करया, क्यूँके वे चाहवै थे, के गैर यहूदियाँ का भी खतना हो। 14 पर जिब मन्नै देख्या के उनका सुभाव सुसमाचार की सच्चाई के मुताबिक कोनी, तो मन्नै सारे बिश्वासी भाईयाँ कै स्याम्ही पतरस तै कह्या, "जिब तू यहूदी होकै गैर यहूदियाँ की तरियां चाल्लै सै अर यहूदी माणसां की तरियां कोनी चाल्दा, तो तू गैर यहूदियाँ नै यहूदी माणसां की तरियां चालण खात्तर क्यूँ कहवै सै।"