पवित्र आत्मा कै जरिये अगुवाई
16 पर मै कहूँ सूं, पवित्र आत्मा नै थारे जीवन म्ह अगुवाई करण द्यो, ताके थम अपणी बुरी आदत्तां नै (लालसा) नै पूरी ना कर सकों। 22 पर आत्मा का फळ प्यार, आनन्द, शान्ति, धीरज, करुणा, भलाई, बिश्वास, 23 नम्रता, अर सयंम सै, इसे-इसे काम्मां के बिरोध म्ह कोए भी नियम-कायदे कोनी। 25 क्यूँके पवित्र आत्मा नै म्हारे ताहीं नई जिन्दगी दी सै, इस खात्तर पवित्र आत्मा नै जिन्दगी के हरेक क्षेत्र म्ह अगुवाई करण द्यो।