एक-दुसरे की मदद करो
1 हे बिश्वासी भाईयो, जै कोए माणस किसे पाप या कसूर म्ह पकड्या भी जावै, तो थम जो पवित्र आत्मा के चलाए चाल्लों सों, उसनै नरमाई के गेल्या धर्म की राह पै उल्टा ल्यावण म्ह उसकी मदद करो, अर अपणा भी ध्यान राक्खों के थम भी इसे इम्तिहान म्ह ना पड़ जाओ। 2 म्हारे म्ह तै जै कोए भी मुसीबत म्ह हो, तो हमनै एक-दुसरे की मदद करणी चाहिए, अर इस तरियां हम मसीह के नियम-कायदा नै मान्ना सां। 3 क्यूँके जै कोए अपणे-आपनै नै बड़ा समझै सै, तो अपणे-आपनै धोक्खा देण लाग रहया सै। 4 हरेक माणस अपणे काम्मां नै परख ले, उसके काम आच्छे सै तो वो अपणे-आपनै पै घमण्ड कर सकै सै, अर उसनै अपणे काम की बराबरी किसे दुसरे के काम गैल न्ही करणी चाहिए। 5 म्हारे म्ह तै हरेक माणस अपणे सुभाव के खात्तर जिम्मेदार सै।