धीरज की बुलाहट
1 इस बजह तै जिब घणखरे माणसां के बिश्वास की गवाही जो उनकी जिन्दगी म्ह सै, म्हारे बारें म्ह बड़े बाद्दळ की तरियां घेरे होए सै, तो आओ, हरेक रोकणआळी चीज अर उलझाण आळे पाप ताहीं दूर करकै, अर राह पै हमनै चालणा सै, धीरज तै चाल्ला। 2 अर बिश्वास के कर्ता अर सिध्द करण आळे यीशु की ओड़ लखान्दे रहवां, उस आनन्द कै खात्तर जो बिश्वास म्ह मिलण आळा था, शर्म की कुछ परवाह न्ही करकै क्रूस का दुख सहया, अर परमेसवर कै सिंहासन कै सोळी ओड़ महिमामय जगहां जा बेठ्या।
परमेसवर पिता कै जरिये ताड़ना
3 यीशु के उदाहरण कै बारें म्ह सोच्चो, जिसनै अपणे बिरोध म्ह पापियाँ का इतणा बिरोध सह लिया ताके थम निराश होकै हिम्मत ना छोड़ द्यो।