22 पर थम सिय्योन कै पहाड़ पै आये सों, जित्त सुर्गीय यरुशलेम सै, जो जिन्दे परमेसवर का नगर सै, उसकै धोरै अर लाखों सुर्गदूत खुशी उत्सव मनावै सै। 23 थम उन परमेसवर के खास बाळकां की सभा अर कलीसिया म्ह आये सों, जिनकै नाम सुर्ग म्ह लिक्खे होए सै, परमेसवर कै धोरै जो सब का न्यायी सै, सुर्ग म्ह धर्मी माणसां की आत्मायाँ खात्तर जो इब सिध्द करे गये सै। 24 थम यीशु कै धोरै आए सों, जो परमेसवर अर माणसां के बीच म्ह करार बणाया, अर छिड़काव का लहू जो माफी के बारें म्ह बोल्लै सै, ना के न्याय के बारें म्ह, जो हाबिल कै लहू तै घणी बढ़िया बात कहवै सै।
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