12 "तोभी," यहोवा की या वाणी सै, "इब भी सुणो, उपवास कै गैल रोन्दे-पिटदे अपणे पूरे मन तै फिरकै मेरै धोरै आओ। 13 अपणे कपड़े न्ही, अपणे मन ए नै पाड़कै" अपणे परमेसवर यहोवा की और मुड़ो; क्यूँके वो अनुग्रहकारी, दयालु, देर तै छो करण आळा, करुणानिधान अर दुःख देकै पच्छताण आळा सै। 14 के जाणै वो मुड़कै पछतावै अर इसी आशीष दे जिसतै थारे परमेसवर यहोवा ताहीं अन्नबलि अर अर्घ दिया जावै।
15 सिय्योन म्ह नरसिंगा फूक्को, उपवास का दिन ठहराओ, महासभा का प्रचार करो; 16 माणसां नै कठ्ठा करो। सभा ताहीं पवित्र करो; पुरनियां नै बुला ल्यो; बाळकां अर दूध पीण आळे बाळकां नै भी कठ्ठा करो। दुल्हा अपणी कोठड़ी तै, अर दुल्हन भी अपणे कमरे तै लिकड़ आवै।
17 याजक जो यहोवा के सेवादार सैं, वे आँगण अर वेदी कै बीच म्ह रो-रोकै प्रार्थना करकै कहवैं, "हे यहोवा अपणी प्रजा पै तरस खा; अर अपणे खास भाग की बदनाम्मी ना होण दे; अर ना जात्ति-जात्ति उसकी तुलना देण पावैं। जात-जात के माणस आप्पस म्ह क्यूँ कहण पावै, ‘उनका परमेसवर कित्त रहया?’"