28 अर मै उन ताहीं अनन्त जीवन दियुँ सूं। वे कदे नाश कोनी होवैगीं, अर कोए उननै मेरै हाथ तै खोस न्ही सकदा। 29 मेरा पिता, जिसनै उन ताहीं मेरै तै दिया सै, सारया तै बड्ड़ा सै, अर कोए उननै पिता कै हाथ्थां तै खोस कोनी सकदा। 30 मै अर पिता एक सां।"
28 अर मै उन ताहीं अनन्त जीवन दियुँ सूं। वे कदे नाश कोनी होवैगीं, अर कोए उननै मेरै हाथ तै खोस न्ही सकदा। 29 मेरा पिता, जिसनै उन ताहीं मेरै तै दिया सै, सारया तै बड्ड़ा सै, अर कोए उननै पिता कै हाथ्थां तै खोस कोनी सकदा। 30 मै अर पिता एक सां।"