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João 13

रभ

1 फसह हला, िगगा, बखत िै, ििउलँ, अपणनण आळै, िे, िकरयकरदा, आखर ीं उसकरदरहा।

2 अर उसक्‍ें ाँगरे। शमयहइसकरिमन ििा, करै। 3 ा, िसब उसकिै, अर परमसवर ओडआयै, परमसवर उलगरयै। 4 इस तर खडा, उसनअपणउपपरललतउतिे, अपणकमर ाँिा।

ां

5 सण भरकां े, अर कमर ाँा, उसूंझण गगा।

6 िशमपतरस आया, पतरस उस ीं कहा, "रभु, ा?"

7 उस ीं जविा, "करुँ ूं, उसकमतलब इबसमझ ा, पर इसकसमझा।"

8 पतरस उस ीं कहा, "अपणीं कदिुँा।" णकउस ीं कहा, "ँ, ्‍ा।"

9 शमपतरस उस ीं कहा, "रभु, बलअर िे।"

10 उस ीं कहा, "णस िउस ीं िऔर जररत ी, पर तरिां ै, थम ो, पर एक े।" 11 अपणपकडआळा, ांउसनकहा, "थम ो, पर एक े।"

अर

12 ििे, अर अपणलतपहरकठगा, उन ीं कहण गगा, "थम समझमन्‍करया?" 13 थम मन्‍अर रभकहो, अर सहकहो, ूँूं। 14 िमन्‍अर रभ, थमनतरिां एक-दसरि15 ूँमन्‍ीं नमिै, िमन्‍करयै, थम उसकरयकरो। 16 ्‍ी-कहूँ ूं, ्‍कर अपण्‍िबड़ा ी, अर िअपणजण आळै। 17 इब थम णगों, उनप्‍ों थम रहे।

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