भाले तै बेधा जाणा
31 इब यो त्यारी का दिन था, अर आगला दिन आराम का दिन अर फसह का दिन था, यो यहूदी माणसां खात्तर एक खास दिन था, अर वे न्ही चाहवै थे, के इस दिन देह क्रूस पै टंगी रहवै, इस करकै यहूदियाँ नै पिलातुस तै बिनती करी के उन माणसां की टाँग तोड़ दी जावै, जो क्रूस पै चढ़ाये गये थे। 32 आखर म्ह सिपाहियाँ नै आकै उन माणसां म्ह तै पैहले की टाँग तोड़ी फेर दुसरे की भी, जो उसकै गेल्या क्रूस पै चढ़ाए गए थे, 33 पर जिब यीशु कै धोरै आकै देख्या के वो मर लिया सै, तो उसकी टाँग कोनी तोड़ी।