35 यीशु नै उनतै कह्या, "जीवन की रोट्टी मै सूं: जो मेरै धोरै आवैगा, वो कदे भूक्खा कोनी रहवैगा, अर जो कोए मेरै पै बिश्वास करैगा, वो कदे तिसाया कोनी होवैगा।
48 जीवन की रोट्टी मै सूं। 51 जीवन की रोट्टी जो सुर्ग तै उतरी सै, मै सूं। जै कोए इस रोट्टी म्ह तै खावै, तो सारी हाण जिन्दा रहवैगा, अर जो रोट्टी मै दुनिया कै जीवन खात्तर दियुँगा, वो मेरा माँस सै।
53 यीशु नै उन ताहीं कह्या, "मै थारैताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, के जिब ताहीं थम मुझ माणस कै बेट्टे का माँस ना खाओ, अर मेरा लहू ना पियो, थारे म्ह जीवन कोनी। 56 जो मेरा माँस खावै अर मेरा लहू पीवै सै वो मेरै म्ह डटया रहवै सै, अर मै उस म्ह।
अनन्त जीवन के वचन
60 उसके चेल्यां म्ह तै घणखरा नै या सुणकै कह्या, "या सख्त शिक्षा सै, इसनै कौण सुण सकै सै?"
पतरस का बिश्वास
66 इसपै उसकै चेल्यां म्ह तै घणखरे उल्टे हटगे अर उसकै बाद उसकै गेल्या कोनी चाल्ले।