37 वे सारे जो पिता नै मेरे ताहीं दिये सै, वे मेरै धोरै आवैंगे, अर हर एक जो कोए मेरै धोरै आवैगा उसनै मै कदे भी कोनी छोड्डूंगा।
44 कोए मेरै धोरै कोनी आ सकदा जिब ताहीं पिता, जिसनै मेरैताहीं भेज्या सै, उसनै खींच न्ही लेवै, अर मै उसनै आखर के दिनां म्ह फेर जिन्दा करुँगा।
65 अर वो बोल्या, "ज्यांतै मन्नै थारे ताहीं कह्या था के जिब ताहीं किसे नै पिता की ओड़ तै यो वरदान ना मिलै तब ताहीं वो मेरै धोरै कोनी आ सकदा।"