नम्रता अर मेहमान-नवाजी
7 जिब यीशु नै देख्या के न्योंदे होए माणस किस तरियां खास-खास जगहां छाँट लेवैं सै तो एक उदाहरण देकै कह्या, 8 "जिब कोए तन्नै ब्याह म्ह बुलावै, तो खास माणसां की जगहां पै न्ही बैठणा, कदे इसा ना हो के उसनै तेरे तै भी बड़े ताहीं न्योंद राख्या हो, 9 अर जिसनै तेरे ताहीं अर उस ताहीं दोनुआ ताहीं न्योंदा दिया सै, आकै कहवै, ‘इसनै जगहां दे,’ अर फेर तन्नै शर्मिन्दा होकै सारया तै पाच्छै बैठणा पड़ै। 10 पर जिब तू न्योंदा जावै तो सारया तै पाच्छली जगहां बैठ के जिब वो, जिसनै तेरे ताहीं न्योंदा सै आवै, तन्नै कहवै, ‘हे दोस्त, आग्गै बढ़कै बैठ,’ फेर तेरे गेल्या बैठण आळा कै स्याम्ही तेरी बड़ाई होवैगी।