पतरस के इन्कार की भविष्यवाणी
31 "शमौन, हे शमौन! देख शैतान नै परमेसवर तै हुकम ले लिया सै, के थारे ताहीं परखै जिस तरियां किसान गेहूँ नै भूसी तै न्यारा करै सै। 32 पर मन्नै तेरे खात्तर बिनती करी ताके थम मेरे पै बिश्वास करणा ना छोड़ दे, अर जिब थम पाप करणा छोड़ दे, तो अपणे भाईयाँ नै भी इसाए करण खात्तर कहियो।"
33 उसनै उसतै कह्या, "हे प्रभु मै, तेरे गेल्या जेळ जाण, बल्के मरण नै भी त्यार सूं।"
34 उसनै कह्या, "हे पतरस, मै तन्नै सच कहूँ सूं, के आज मुर्गा बाँग न्ही देवैगा जब ताहीं तू तीन बर मेरै बारै म्ह मुकरैगा जावैगा, के मै तन्नै न्ही जाण्दा।"
पतरस का इन्कार
54 फेर वे यीशु नै पकड़कै ले चाल्ले, अर महायाजक कै घर म्ह लाये, पतरस दूरे ए दूर उसकै पाच्छै-पाच्छै चाल्लै था। 55 अर जद वे आँगण म्ह आग सुलगाकै कठ्ठे बेठ्ठे, तो पतरस भी उसके बिचाळै बैठग्या। 56 फेर एक नौकराणी उस ताहीं आग कै चाँदणे म्ह बेठ्या देखकै अर उस कान्ही देखकै कहण लाग्गी, "यो भी तो उसकै गेल्या था।"
57 पर पतरस नै यो कहकै मना कर दिया, के "हे, जनान्नी मै उसनै कोनी जाणदा।"
58 थोड़ी हाण पाच्छै किसे और नै पतरस ताहीं देखकै कह्या, "तू भी तो उन म्ह तै ए सै।" उसनै कह्या, "हे भाई, मै वो कोनी।"
59 कोए एक घंटे कै पाच्छै एक और माणस पक्के बिश्वास तै कहण लाग्या, "सही म्ह यो भी तो उसकै गेल्या था, क्यूँके यो गलीलवासी सै।"
60 पतरस नै कह्या, "हे भाई, मै न्ही जाण्दा के तू के कहवै सै!" वो या कहवैए था के मुर्गे नै बाँग देई 61 फेर घूमकै प्रभु नै पतरस की ओड़ देख्या अर पतरस नै प्रभु की बात याद आई जो उसनै कही थी: "आज मुर्गे कै बाँग देण तै पैहल्या, तू तीन बर इन्कार करैगा।"