55 उन बिरबानियाँ नै जो उसके गेल्या गलील परदेस तै आई थी, पाच्छै-पाच्छै जाकै उस कब्र ताहीं देख्या, अर यो भी के उसकी लाश किस रीति तै राक्खी गयी सै। 56 फेर उननै घर बोहड़ के खुशबुदार चीज अर इत्र त्यार करया, अर आराम कै दिन उननै हुकम के मुताबिक आराम करया।
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