फरीसी कै घरां पापण बिरबान्नी ताहीं माफी
36 फेर किसे फरीसी नै उसतै बिनती करी के वो उसकै गेल्या खाणा खावै, आखर वो उस फरीसी कै घरां जाकै खाणा खाण बेठ्या। 37 उस नगर की एक पापण7:37 बेश्या या किसे साथ गलत सम्बन्ध हो, बुरे चाल-चलण आळी बिरबान्नी न्यू जाणकै के यीशु फरीसी कै घर म्ह खाणा खाण बेठ्या सै, संगमरमर कै बरतन म्ह महँगा खसबूदार तेल ल्याई, 38 अर उसकै पायां कै धोरै, पाच्छै खड़ी होकै, रोंदी होई उसकै पायां नै आसूआं तै भेण लाग्गी अर अपणे सिर कै बाळां तै पूंझण लाग्गी, अर उसके पायां नै बार-बार चूमकै उनपै महँगा खसबूदार तेल मळ्या।
47 इस करकै मै तन्नै कहूँ सूं के इसनै कई पाप करे थे, जो माफ होगे, क्यूँके इसनै मेरे तै घणा प्यार करया सै, पर जिसका पाप कम माफ होया सै, वो कम प्यार करै था।"
48 अर उसनै बिरबान्नी तै कह्या, "तेरे पाप माफ होए।"
50 पर उसनै उस बिरबान्नी ताहीं कह्या, "परमेसवर नै तेरे ताहीं बचाया सै, क्यूँके तन्नै मेरे पै बिश्वास करया सै, खुश होकै चली जा।"