मूसा अर एलिय्याह कै साथ यीशु
28 इन बात्तां कै कोए आठ दिनां पाच्छै वो पतरस, यूहन्ना अर याकूब नै गेल्या लेकै प्रार्थना करण खात्तर पहाड़ पै गया। 29 जिब वो प्रार्थना करै था, तो उसके मुँह का रूप बदल ग्या, अर उसके लत्ते धोळे होकै चमकण लाग्गे। 30 अर लखाओ, मूसा नबी अर एलिय्याह नबी ये दो माणस उसकै गेल्या बतळावै थे। 31 ये महिमा सुधां दिक्खे अर यीशु के मरण का जिक्र करै थे, जो यरुशलेम म्ह होण आळा था। 32 पतरस अर उसके साथी नींद म्ह होरे थे, अर जिब ठीक तरियां सोध्दी म्ह आए, तो उसकी महिमा अर उन दो माणसां नै, जो उसकै गेल्या खड़े थे, देख्या। 33 जिब वे उसकै धोरै तै जाण लाग्गे, तो पतरस नै यीशु तै कह्या, "हे माल्लिक, म्हारा उरै रहणा भला सै: आखर म्ह हम तीन मण्डप बणावा, एक तेरे खात्तर, एक मूसा नबी खात्तर, एक एलिय्याह नबी कै खात्तर।" उसनै बेरा कोनी था के कह के रह्या सै।
34 वो न्यू कहवैए था के एक बाद्दळ आकै उनपै छाग्या, अर जिब वे उस बाद्दळ तै घिरण लाग्गे तो वे डरगे। 35 फेर उस बाद्दळ म्ह तै या वाणी लिकड़ी, "यो मेरा बेट्टा अर मेरा चुण्या होया सै, इसकी सुणो।" 36 या आवाज होन्दे यीशु एक्ला होग्या, अर वे बोल-बाल्ले रहे, अर जो कुछ देख्या था उसकी कोए बात उन दिनां म्ह किसे तै न्ही कही।