45 क्यूँके मै माणस का बेट्टा ज्यांतै कोनी आया के अपणी सेवा-पाणी करवाऊँ, पर ज्यांतै आया के खुद सेवा-पाणी करुँ, अर घणखरयां के छुटकारै कै खात्तर अपणी जान देऊँ।"
आन्धे बरतिमाई ताहीं आँखां का दान
(मत्ती 20:29-34; लूका 18:35-43)
45 क्यूँके मै माणस का बेट्टा ज्यांतै कोनी आया के अपणी सेवा-पाणी करवाऊँ, पर ज्यांतै आया के खुद सेवा-पाणी करुँ, अर घणखरयां के छुटकारै कै खात्तर अपणी जान देऊँ।"
(मत्ती 20:29-34; लूका 18:35-43)
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