10 क्यूँके मूसा नबी नै कह्या सै, ‘अपणे माँ-बाप की इज्जत कर’ अर ‘जो कोए अपणे माँ-बाप नै भुंडा बोल्लै, वो जरुर मारया जावै।’7:10 (निर्ग. 20:12; व्यव. 5:16) 11 पर थम कहो सो के जै कोए अपणे माँ-बाप तै कहवै, ‘जो कुछ मन्नै थारे ताहीं अपणी सम्पत्ति म्ह तै देणा था, वो मन्नै परमेसवर ताहीं अर्पण कर दिया।’ 12 तो थम उननै उसके माँ-बाप की कुछ भी सेवा करण न्ही देन्दे। 13 इस तरियां थम अपणी रीति-रिवाजां तै, जिन ताहीं थमनै ठहराया सै, परमेसवर का वचन टाळ द्यो सो; अर इसे-इसे घणखरे काम करो सो।"
माणस ताहीं अशुद्ध करण आळी बात
(मत्ती 15:10-20)