14 यीशु अर उसके तीन चेल्लें दुसरयां चेल्यां कै धोरै आये, तो देख्या के उनकै चौगरदे नै घणी भीड़ लागरी सै अर शास्त्री उनकै गेल्या बहस कररे सै। 15 यीशु ताहीं देखदे ए सारे घणे हैरान होण लाग्गे, अर उननै यीशु कान्ही भाजकै उसतै नमस्कार करया।
16 यीशु नै उनतै बुझ्झया, "थम इनतै के बहस कररे सो?"
17 भीड़ म्ह तै एक नै उसतै जवाब दिया, "हे गुरु, मै अपणे बेट्टे ताहीं जिस म्ह ओपरी आत्मा सै, जो उसनै बोल्लण कोनी देती। मै उस ताहीं तेरे धोरै ल्याया था। 18 जित्त किते ओपरी आत्मा उसनै पकड़ै सै, उड़ैए पटक देवै सै: अर वो मुँह म्ह तै झाग भर लावै सै, अर दाँत पिसदा, अर सुखदा जावै सै। मन्नै तेरे चेल्यां तै कह्या के वे ओपरी आत्मा नै काढ देवै, पर वे काढ न्ही सके।"
19 न्यू सुणकै यीशु नै उनतै जवाब देकै कह्या, "हे अबिश्वासी माणसों, मै कद ताहीं थारे गेल्या रहूँगा? अर कद ताहीं थारी सहूँगा? बाळक नै मेरै धोरै ल्याओ।"
20 फेर वे बाळक नै यीशु कै धोरै लियाये: अर जिब ओपरी आत्मा नै यीशु ताहीं देख्या, तो उस ओपरी आत्मा नै जिब्बे उस ताहीं मरोड्या, अर वो धरती पै पड़ग्या, अर मुँह तै झाग बगान्दे होए लोट्टण लाग्या।
21 यीशु नै उसकै पिता तै बुझ्झया, "इसकी या हालत कद तै सै?" उसनै कह्या, "बाळकपण तै। 22 उसनै इस ताहीं नाश करण खात्तर कदे आग अर कदे पाणी म्ह गेरया, पर जै तू कुछ कर सकै, तो म्हारै पै तरस खाकै म्हारा भला कर।"
23 यीशु नै उसतै कह्या, "या के बात होई! जै तू कर सकै सै? बिश्वास करण आळा खात्तर सारा कुछ हो सकै सै।"
24 बाळक कै पिता नै जिब्बे जोर तै कह्या, "हे प्रभु, मै बिश्वास करुँ सूं, मेरै अबिश्वास का उपाय कर।"
25 जिब यीशु नै देख्या के माणस भाजकै भीड़ लावै सै, तो उस ओपरी आत्मा ताहीं न्यू कहकै धमकाया, "हे गूँगी अर बैहरी करण आळी ओपरी आत्मा, मै तन्नै हुकम दियुँ सूं, उस म्ह तै लिकड़ आ, अर उस म्ह फेर कदे ना बड़ीये।"
26 फेर वा किल्की मारकै अर उस ताहीं घणा मरोड़कै, लिकड़ आई; अर बाळक मरया होया-सा होग्या, उरै ताहीं के घणे आदमी कहण लाग्गे के वो मरग्या। 27 पर यीशु नै उसका हाथ पकड़कै उस ताहीं ठाया, अर वो खड्या होग्या।
28 जिब वो घरां आया, तो उसके चेल्यां नै एक्ले म्ह उसतै बुझ्झया, "हम उस ताहीं क्यांतै न्ही काढ सके?"
29 उसनै उनतै कह्या, "या जात, बिना प्रार्थना किसे और उपाय तै कोनी लिकड़ सकदी।"
अपणी मौत कै बारै म्ह यीशु की दोबारा भविष्यवाणी
(मत्ती 17:22-23; लूका 9:43-45)