मसीह का जन्म
18 यीशु मसीह का जन्म इस तरियां होया, कै जिब उसकी माँ मरियम की सगाई यूसुफ कै गैल होग्यी, तो उनका ब्याह होण तै पैहल्याए बेरा पाट्या के वा पवित्र आत्मा की शक्ति तै गर्भवती सै।
20 जिब वो इन बात्तां नै सोच्चै ए था तो परमेसवर का सुर्गदूत उसनै सपने म्ह आकै कहण लाग्या, "हे यूसुफ! दाऊद के वंशज, तू अपणी घरआळी मरियम नै अपणे उरै ल्याण तै ना डरै, क्यूँके जो उसकी कोख म्ह सै, वो पवित्र आत्मा की ओड़ तै सै। 21 वो बेट्टा जाम्यैगी अर तू उसका नाम यीशु धरिये, क्यूँके वो अपणे माणसां का उनकै पापां तै उद्धार करैगा।"
22 यो सारा इस खात्तर होया के जो वचन प्रभु नै यशायाह नबी कै जरिये कह्या था, वो पूरा हो 23 देक्खो एक कुँवारी गर्भवती होगी अर एक छोरा जण्येगी, अर उसका नाम इम्मानुएल धरया जावैगा, जिसका मतलब सै "परमेसवर म्हारै गैल सै।"
25 अर जिब ताहीं उसनै छोरा ना जण्या जिब तक यूसुफ उसकै धोरै न्ही गया अर उसनै बाळक का नाम यीशु धरया।