23 "इस करकै सुर्ग के राज्य की तुलना इस उदाहरण तै करी जा सकै सै, किसे राजा नै अपणे नौकरां का लेक्खा (ब्यौरा) लेणा चाह्या। 24 जिब वो लेक्खा लेण लाग्या, तो एक जणा उसकै स्याम्ही ल्याया गया जो दस हजार तोड़े18:24 (1 तोड़ा 15 साल की मजदूरी के बराबर सै) का कर्जवान था। 25 जिब के चुकता करण नै उसकै धोरै कुछ कोनी था, तो उसकै माल्लिक नै कह्या, ‘यो अर इसकी घरआळी अर बाळ-बच्चे अर जो कुछ इसका सै सारा बेच्या जावै, अर कर्ज चुकता करया जावै।’"
26 "इसपै उस नौक्कर नै उसके पायां म्ह पड़कै उस ताहीं कह्या, ‘हे राजा धीरज धर, मै सारा कुछ भर दियुँगा।’ 27 इसपै राजा नै तरस खाकै उस नौक्कर ताहीं छोड़ दिया, अर उसका कर्जा भी माफ कर दिया।"
28 "पर जिब वो नौक्कर बाहरणै लिकड़या, तो उसके साथ के नौकरां म्ह तै एक उसतै मिल्या जो उसके सौ दीनार (100 दिन की मजदूरी) का कर्जदार था; उसनै पकड़कै उसका गळा घोट्या अर कह्या, ‘जो कुछ मेरा तेरे पै कर्ज सै भर दे।’"
29 "इसपै उसका साथ का नौक्कर पायां म्ह पड़कै उसतै बिनती करण लाग्या, ‘धीरज धर, मै सारा कुछ भर दियुँगा।’"
30 वो न्ही मान्या, पर जाकै उस ताहीं जेळ म्ह गेर दिया के जिब ताहीं कर्जा ना भर दे, तब तक ओड़ैए रहवै। 31 उसके साथ के नौक्कर यो जो होया था देखकै घणे उदास होए, अर जाकै अपणे राजा ताहीं पूरा हाल बता दिया।
32 "फेर राजा नै उस ताहीं बुलाकै उसतै कह्या, ‘हे दुष्ट नौक्कर, तन्नै जो मेरै तै बिनती करी, तो मन्नै तेरा वो सारा कर्जा माफ कर दिया। 33 ज्यांतै जिस ढाळ मन्नै तेरे पै दया करी, उस्से तरियां के तन्नै भी अपणे साथ के नौक्कर पै दया न्ही करणी चाहिये थी?’ 34 अर उसकै माल्लिक नै छो म्ह आकै उस ताहीं दण्ड देणआळे के हाथ्थां म्ह सौप दिया, के जिब ताहीं वो सारा कर्जा भर न्ही देवै, तब तक उनकै हाथ्थां म्ह रहवै।"
35 "इस्से ढाळ जै थारे म्ह तै अपणे भाई नै ना माफ करै तो मेरा पिता जो सुर्ग म्ह सै थारे तै उसाए करैगा।"