ठोक्कर खुआण आळा पै हाय
6 पर जो कोए इन छोट्या बाळकां समान जो मेरै पै बिश्वास करै सै, किसे तै भी पाप करवावै, तो उसकै खात्तर भला योए सै के एक बड्डी चाक्की का पाट उसकै गळ म्ह लटकाया जावै, अर वो डून्घा समुन्दर म्ह डबोया जान्दा। 7 ठोकरां कै कारण दुनिया पै हाय! ठोकरां का लागणा जरूरी सै; पर धिक्कार सै उस माणस पै जिसकै जरिये ठोक्कर लाग्गै सै। 8 जै तेरा हाथ या तेरा पैर तेरे तै पाप करवावै सै, तो उसनै काटकै बगा दे, टुंडा या लंगड़ा होकै जीवन म्ह दाखल होणा इसतै भला सै के दो हाथ या दो पैर रहंदे होए तू अनन्त आग म्ह गेरया जावै। 9 जै तेरी आँख तेरे तै पाप करवावै सै, तो उस ताहीं लिकाड़कै फैक दे, काणा होकै अनन्त जीवन म्ह बड़णा तेरे खात्तर भला सै, ना के दो आँख रहंदे होए तू नरक की आग म्ह गेरया जावै।