ज्योतिषियाँ का पूरब दिशा तै आणा
1 हेरोदेस राजा जिब यहूदिया परदेस पै राज करण लागरया था, तो उस परदेस के बैतलहम नगर म्ह यीशु का जन्म होया। तो थोड़े बखत बाद कई विद्वान जो तारां का ज्ञान राक्खै थे, पूरब तै यरुशलेम नगर म्ह आये। 2 वो आकै बुझ्झण लाग्गे, यहूदियाँ का राजा जिसका जन्म होया सै, वो कित्त सै? हमनै पूरब दिशा म्ह उसका तारा देख्या सै, जो उसके जन्म के बारें म्ह बतावै सै, इस करकै हम उसकी आराधना करण आये सां।
3 यो सुणकै हेरोदेस राजा अर उसकै गैल यरुशलेम नगर के सारे लोग चिन्ता करण लाग्गै।
7 हेरोदेस जाणणा चाहवै था के उस बाळक की उम्र कितनी सै, इस करकै उसनै तारां का ज्ञान राक्खण आळा ताहीं लुह्क्मा बुलाकै उनतै बुझ्झया के तारा ठीक किस बखत दिख्या था। 8 अर राजा नै यो कहकै उन ताहीं बैतलहम नगर भेज्जा, "जाओ, उस बाळक कै बारें म्ह ठीक-ठाक बेरा पाड़ो, अर जिब वो मिल ज्या तो मन्नै खबर द्यो, ताके मै भी आणकै उसकी आराधना करुँ।"
9 वे राजा की बात सुणकै चले गए, अर जो तारा उननै पूरब दिशा म्ह देख्या था, वो उनकै आग्गै-आग्गै चाल्या। अर जड़ै बाळक था, उस घर कै उप्पर जाकै रुक ग्या। 10 उस तारे नै देखकै वे घणे आनन्दित होए, जो उस घर के उप्पर रुक ग्या था। 11 उननै उस घर म्ह जाकै उस बाळक ताहीं उसकी माँ मरियम कै गैल देख्या, अर झुककै बाळक की आराधना करी, अर अपणा-अपणा झोळा खोल कै उस ताहीं सोन्ना, लोबान, अर गन्धरस की भेंट चढ़ाई। 12 फेर सपने म्ह परमेसवर नै या चेतावनी दी के हेरोदेस राजा कै धोरै फेर ना जाईयो, वे राजा ताहीं बिना बताये दुसरे राह तै अपणे देश म्ह चले ग्ये।