15 हे कपटी शास्त्रियो अर फरीसियों, थारे पै धिक्कार सै! थम एक माणस ताहीं अपणे पंथ म्ह ल्याण कै खात्तर दूर-दूर ताहीं हान्डो सो, अर जिब वो पंथ म्ह आ जावै सै, तो खुद तो नरक म्ह जाओ सों पर दुसरयां नै अपणे तै दुगणा नरक जाण का भाग्गी बणा द्यो सो।
33 हे साँप के सप्पोलों जिसे माणसों, थम नरक की सजा तै किस ढाळ बचोगे?