37 वो पतरस अर जब्दी के दोन्नु बेट्टा नै गेल्या लेग्या, अर उदास अर कांल होण लाग्या। 38 फेर उसनै उनतै कह्या, "मेरा मन घणा उदास सै, उरै ताहीं के मेरा जी लिकड़ण नै होरया सै। थम उरै ठहरो अर जागदे रहो।"
39 फेर वो माड़ा और आग्गै सरक कै मुँह कै बळ गिरया, अर या प्रार्थना करण लाग्या, "हे मेरे पिता, जै हो सकै तो यो दुख का कटोरा मेरै तै टळ जावै, तोभी जिसा मै चाहूँ सूं इसा न्ही, पर जिसा तू चाहवै सै उस्से तरियां ए होवै।"