यीशु की कब्र पै पैहरा
62 आगला दिन आराम का दिन27:62 जो के तैयारी के बाद का दिन था था, उस दिन प्रधान याजकां अर फरीसियाँ नै पिलातुस कै धोरै कठ्ठे होकै कह्या, 63 "हे महाराज, म्हारै ताहीं याद सै के उस धोक्खेबाज नै जिब वो जिन्दा था, तो उसनै न्यू कह्या था, ‘मै मरण के तीन दिन पाच्छै जिन्दा हो जाऊँगा।’ 64 इस करकै हुकम दे के तीसरे दिन ताहीं कब्र की रुखाळी सावधानी तै करी जावै, इसा ना हो के उसके चेल्लें आकै उसकी लाश नै चुरा ले जावै, अर माणसां तै कहण लाग्गै, ‘वो मरे होया म्ह तै जिन्दा होग्या सै।’ फेर पाच्छला धोक्खा पैहल्ड़े तै भी बड्ड़ा होगा।" (पैहला धोक्खा के वो खुद नै परमेसवर का बेट्टा बतावै सै, दूसरा यो के इब वो तीसरे दिन मरे होया मै तै जी उठ्ठुँगा)
65 "पिलातुस नै उनतै कह्या, ‘थारे धोरै पहरेदार तो सै जाओ, अपणी समझकै मुताबिक कब्र की रुखाळी करो’। 66 आखर वे पैहरेदारां नै गैल लेकै ग्ये, अर कब्र के पत्थर पै मोहर लगाकै कब्र की रुखाळी करी।"