23 "इस करकै जै तू अपणा चढ़ावा मन्दर म्ह वेदी5:23 वेदी परमेसवर ताहीं भेंट चढ़ाण खात्तर एक जगहां पै चढ़ावै, अर ओड़ै तू याद करै, के तेरे भाई के मन म्ह तेरे खात्तर किमे बिरोध सै, 24 तो तू अपणा चढ़ावा ओड़ैए वेदी कै धोरै छोड़दे, अर ज्याकै अपणे भाई तै मेळ-मिलाप कर अर फेर आकै अपणा चढ़ावा चढ़ा।"
37 पर थारी बात ‘हाँ’ की हाँ, या ‘ना’ की ना हो, क्यूँके जो किमे इसतै घणा होवै सै वो शैतान की ओड़ तै होवै सै।"
बदला ना लियो
(लूका 6:29,30)
44 पर मै थमनै कहूँ सूं के अपणे बैरियाँ तै प्यार राक्खों अर अपणे सतावण आळे के खात्तर प्रार्थना करो,5:44 (रोम. 12:14)