6 ज्यांतै चुंगी भी द्यो क्यूँके शासन करण आळे परमेसवर के सेवक सै अर सारी हाण उस फर्ज नै पूरा करण म्ह लाग्गे रहवैं सै। 7 ज्यांतै हरेक का हक चुकाया करो, जिस ताहीं चुंगी देणी चाहिये, उस ताहीं चुंगी देओ, कर देण आळे ताहीं कर13:7 कर-हरेक ढाळ का टैक्स देओ, जिसतै डरणा चाहिये, उसतै डरो, जिसका आदर-मान करणा चाहिये, उसका आदर-मान करो।
Publicidade