आदम कै जरिये मौत, मसीह कै जरिये जिन्दगी
12 परमेसवर नै एक माणस आदम बणाया, जिसकै कारण दुनिया म्ह पाप आया, अर उस पाप के करण मौत आई, अर इस तरियां तै मौत सारे माणसां म्ह फैलगी, क्यूँके आदम के वंश होण के कारण सब पापी बणगे। 15 पर आदम के अपराध अर परमेसवर के अनुग्रह के वरदान के बीच म्ह एक भोत बड़ा अन्तर सै, क्यूँके जब एक माणस आदम, कै अपराध करण के कारण, भोत-से माणसां की मौत होई, पर दुसरे माणस यीशु मसीह के जरिये, परमेसवर का अनुग्रह भोत-से माणसां पै होया सै। 17 क्यूँके एक माणस के अपराध कै कारण सब नै मौत आई। पर इसतै ज्यादा परमेसवर का अनुग्रह अर धार्मिकता का वरदान सै, जो उस ताहीं पावै सै, वो पाप अर मौत पै यीशु मसीह कै जरिये जयवन्त होवै सै, अर वे उसकै गैल अनन्त जीवन म्ह राज करैगें।
18 जिस तरियां आदम का अपराध, सारे माणसां कै खात्तर दण्ड लेकै आया, ठीक उस्से तरियां ए मसीह यीशु के धार्मिकता के काम करण तै, सारे माणसां नै जिन्दगी मिली, अर वे परमेसवर की नजर म्ह धर्मी बणै। 19 क्यूँके जिसा एक माणस कै हुकम ना मानण तै भोत-से माणस पापी बणे, उस्से तरियां ए एक माणस कै हुकम मानण तै भोत-से माणस धर्मी बणैगें।