आण आळे बखत म्ह दिक्खण आळी महिमा
18 मन्नै पक्का यकिन सै, के इस बखत के दुख अर क्ळेश उस महिमा कै स्याम्ही, उस महिमा के समान जो प्रभु म्हारै ताहीं देवैगा, किमे भी कोनी सै।
26 प्रार्थना करण खात्तर म्हारे धोरै बुद्धि कोनी, पर पवित्र आत्मा म्हारी मदद करै सै, क्यूँके हमनै न्ही बेरा के किन बात्तां कै खात्तर प्रार्थना करणी चाहिये, पर पवित्र आत्मा आप्पे इसी आह भर-भरकै, जो बयान तै बाहरणै सै, म्हारै खात्तर बिनती करै सै।
28 हमनै बेरा सै के जो माणस परमेसवर तै प्यार राक्खै सै, उनकै खात्तर सारी बात मिलकै भलाई ए नै पैदा करै सै, यानिके उनकै खात्तर जो उसकी मर्जी कै मुताबिक चुणे होए सै। 29 क्यूँके जिन ताहीं परमेसवर नै पैहल्या तै चुण्या होया सै, उन ताहीं उसकै बेट्टे यीशु मसीह जिसे बणण खात्तर ठहराया भी सै, ताके वो घणे भाईयाँ म्ह पैहल्ड़ा यानी जेठ्ठा बणै।
35 कौण हमनै मसीह कै प्यार तै न्यारा करैगा? के क्ळेश, संकट, उपद्रव, अकाळ, नंगाई, जोख्खम, या तलवार? 37 पर इन सारी बात्तां म्ह हम उसकै जरिये जिसनै म्हारै तै प्यार करया सै, जयवन्त तै भी बाध सै। 38,39 क्यूँके मै जाणु सूं, के कोए भी चीज मसीह नै म्हारे तै प्यार करण तै न्ही रोक सकदी। इसतै कोए फर्क न्ही पड़ता के चाहे हम जिवां या मरा, सुर्गदूत, प्रधानताएँ, शक्तियाँ जो सुर्ग म्ह सै इन म्ह तै कोए भी हमनै मसीह के प्यार तै अलग न्ही कर सकदी, अर इब जो होण लागरया सै, जो भविष्य म्ह होण आळा सै, गहराई, ऊँचाई हमनै परमेसवर के प्यार तै, जो म्हारे प्रभु यीशु मसीह म्ह सै अलग न्ही कर सकदी।