क्रेते म्ह तीतुस का काम
5 मै इस करकै तन्नै क्रेते टापू म्ह छोड़ आया था, ताके तू ओड़ै उस काम नै खतम कर सकै जो अधूरा रहग्या था, अर मेरै हुकम कै मुताबिक उस टापू के हरेक नगर म्ह कलीसिया के अगुवां नै तैयार कर सकै, जिसा मन्नै कह्या सै। 6 अगुवां बेकसूर अर एके पत्नी का पति हो, जिनके बाळक बिश्वासी हो, अर उन म्ह लुचपण अर निरंकुशता का दोष ना हो। 7 क्यूँके अगुवां, नै परमेसवर का भण्डारी होण के कारण बेकसूर होणा चाहिए, ना जिद्दी, ना गुसेल, ना पियक्कड़, ना मारपीट करण आळा, ना नीच कमाई का लोभी हो, 8 पर मेहमान का आदर करण आळा, भलाई का चाह्ण आळा, अपणे-आप्पे म्ह रहण आळा, न्यायकारी, पवित्र अर अपणे मन नै काब्बू राक्खण आळा हो। 9 वो यीशु मसीह के सन्देस के बारें म्ह मजबुत्ती तै बिश्वास करदा हो, जो हमनै थारे ताहीं सिखाया सै, अर वो दुसरयां ताहीं उत्साहित कर सकै, ताके वे सही शिक्षा का पालन कर सकै, अर उन ताहीं भी समझा सकै जो सही शिक्षा का बिरोध करै सै।