1 सड अख-बख इयद लक बड भर न, जन दय जनदगय ल सझ पत लगद ह क भरस द कय मतलब हद ह। त ओआ, अस हर इक रकण बल कन उलझण बल पप ज दर करर, अस उस रसत पर चलन जस पर सझ जरर चलण चईद।
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1 सड अख-बख इयद लक बड भर न, जन दय जनदगय ल सझ पत लगद ह क भरस द कय मतलब हद ह। त ओआ, अस हर इक रकण बल कन उलझण बल पप ज दर करर, अस उस रसत पर चलन जस पर सझ जरर चलण चईद।